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Witness Patricia Mukhim, a journalist from Meghalaya in NCAAJ


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ओडिशा: रेत माफिया के खिलाफ लिखने पर पत्रकार के ऊपर जानलेवा हमला

ओडिशा के बालासोर में एक उडि़या दैनिक के पत्रकार के ऊपर बुधवार की रात कुछ लोगों ने हमला कर के उन्‍हें बुरी तरह से जख्‍मी कर दिया, जब वे अपने घर से दफ्तर लौट रहे थे। पत्रकार ने हमलावरों की पहचान रेत माफिया के रूप में की है।   उडि़या के प्रतिष्ठित दैनिक समाज के पत्रकार  प्रताप पात्रा  के ऊपर बुधवार की रात नौ बजे धारदार हथियारों से हमला किया गया। उनके सिर, छाती और हाथ पर हमला किया गया लेकिन हेलमेट पहने होने के कारण उनकी जान बच गई, हालांकि हमले में हेलमेट टूट गया और सिर फट गया। हमलावर उनका मोबाइल फोन और सोने की चेन लेकर भाग गए। प्रताप ने कुछ दिन पहले बालासोर के रेत माफिया पर स्‍टोरी की थी। पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से उन्‍हें धमकियां भी मिल रही थीं। प्रताप ने बाद में स्‍थानीय प्रेस को बताया कि वे हमलावरों को पहचानते हैं और उन्‍होंने उनके नाम की सूची पुलिस को सौंप दी। इस मामले में पुलिस ने कोई एफआइआर अब तक दर्ज नहीं की है लेकिन जांच जारी है।

"मीडिया की घेराबंदी": उत्तर प्रदेश में 2017 से लेकर अब तक हुए मीडिया के दमन पर विस्तृत रिपोर्ट

  उत्‍तर प्रदेश में पांच साल में मारे गए 12 पत्रकार , कानूनी नोटिसों और मुकदमों की भरमार पत्रकारों पर हमले के विरुद्ध समिति (CAAJ) ने उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पहले मतदान की पूर्व संध्‍या पर ‍बुधवार को चौंकाने वाले आंकड़े जारी किये हैं। अपनी रिपोर्ट '' मीडिया की घेराबंदी '' में समिति ने उद्घाटन किया है कि प्रदेश में पिछले पांच साल में पत्रकारों पर हमले के कुल 138 मामले दर्ज किये गये जिनमें पचहत्‍तर फीसद से ज्‍यादा मामले 2020 और 2021 के दौरान कोरोनाकाल में हुए। समिति के मुताबिक 2017 से लेकर जनवरी 2022 के बीच उत्‍तर प्रदेश में कुल 12 पत्रकारों की हत्‍या हुई है। ये मामले वास्‍तविक संख्‍या से काफी कम हो सकते हैं। इनमें भी जो मामले ज़मीनी स्‍तर पर जांच जा सके हैं उन्‍हीं का विवरण रिपोर्ट में दर्ज है। जिनके विवरण दर्ज नहीं हैं उनको रिपोर्ट में जोड़े जाने का आधार मीडिया और सोशल मीडिया में आयी सूचनाएं हैं।   हमले की प्रकृति हत्‍या शारीरिक हमला मुकदमा/गिरफ्तारी धमकी/हिरासत/जासूसी कुल वर्ष

"Republic In Peril": Summary report of attacks on Journalists in Delhi post CAA

The Committee Against Assault on Journalists (CAAJ) releases a report titled "Republic In Peril" on recent cases of Assaults on Journalists in Delhi covering three months from December 2019 to February 2020. This report documents a total of 32 cases of various types of Assaults on Journalists covering socio-political developments in the capital city of India after the eruption of anti-CAA protests. The report outlines three phases of assault in Delhi. First in December, 2019 that started after anti-CAA protests erupted with centrestage being Jamia Millia Islamia University. A total of seven cases have been documented where Journalists who went to cover Jamia were assaulted physically. These assaulted journalists included mainstream news channels, agency, international media BBC and digital platforms. The assaulters included mob and police. This first phase lasted for five days from December 15 to December 20, 2019 although assaults continued nationwide for